160+Mahadev Shayari in Hindi महादेव शायरी

Mahadev sirf ek naam nahi, balkay vishwas, shakti aur shanti ka ehsaas hain. Unki bhakti dil ko sukoon deti hai aur mann ko mazboot banati hai. Mahadev Shayari in Hindi bhakton ke jazbaat ko sundar alfaaz mein pesh karti hai.

160+ Mahadev Shayari in Hindi mein Shiv bhakti, shraddha aur adhyatmik shakti ka gehra rang nazar aata hai. Yeh महादेव शायरी har us bhakt ke liye hai jo Shiv Shankar ke prem aur kripa ko mehsoos karta hai. Bhole Nath shayari, Shiv status aur devotional quotes yahan naturally shamil hain.

Best Mahadev Shayari

Best Mahadev Shayari
  • हर हर महादेव, शंकर की जय बोलो, त्रिशूल धारी का नाम सदा डोलो। जटाओं में गंगा, मस्तक पे चंदा, भोलेनाथ के दर्शन से मिले आनंदा।
  • शिव की शरण में आकर मिलती है शांति, भोले बाबा के चरणों में मिलती क्रांति। जो भी शरण में आया उसका उद्धार हुआ, महाकाल की कृपा से संसार सुधार हुआ।
  • डमरू की आवाज़ से गूंजे ये जहान, महादेव की महिमा है अपरम्पार महान। नीलकंठ ने पिया था विष सारा, बचाने को जग का किया सहारा।
  • ॐ नमः शिवाय का जाप करो भाई, भोलेनाथ की भक्ति में खुद को मिटा दो। काशी के महाराज, अवधूत अघोरी, शिव की शरण में आकर पाओ ज्योति।
  • गले में सर्पों की माला सजी है, भस्म से सजी देह पे छवि बनी है। भंग धतूरा प्रिय है शिव को, मन से पूजो तो मिलेंगे शिव को।
  • कैलाश के वासी, पार्वती के प्यारे, नंदी की सवारी, गण सब न्यारे। त्रिनेत्रधारी जब खोले तीसरा नेत्र, काल भी थर्राए उस पल का क्षेत्र।
  • श्मशान में रहते हैं शिव महाराज, मृत्यु पर भी उनका है राज। जीवन मरण के स्वामी भोले, सत्य और धर्म का पाठ बोले।
  • गंगाधर शिव की महिमा अपार है, हर संकट से मुक्ति का उपहार है। रुद्र रूप में जब होते प्रकट, तीनों लोक हो जाते विस्मित।
  • चंद्रमा को मस्तक पर धारण किया, काल को भी अपने वश में किया। महाकाल की ऐसी है महिमा, जो पूजे उसकी बदले सीमा।
  • भोले बाबा तेरी शरण में आया हूं, तेरे चरणों में शीश झुकाया हूं। कृपा करो प्रभु मुझ पर महादेव, जीवन सफल हो जाए ये भेव।
  • शिवरात्रि की पावन बेला में, भक्तों का मेला उमड़ता चेला में। जलाभिषेक करते हैं भक्त प्यारे, शिव जी प्रसन्न होते हैं न्यारे।
  • अर्धनारीश्वर का रूप अनोखा है, शक्ति और शिव का संयोग अनोखा है। बिना शक्ति के शिव हैं अधूरे, यही संदेश है जीवन के सूर।
  • नटराज का नृत्य जब होता है, सृष्टि का संचालन वो ही करता है। ताल पर थिरकते हैं त्रिलोकपति, संसार को चलाते हैं प्रति क्षण प्रति।
  • गौरीनाथ की जोड़ी सबसे प्यारी, प्रेम और भक्ति की मिसाल न्यारी। गणेश कार्तिकेय संग परिवार सजा, कैलाश पर्वत पर दिव्य राज सजा।
  • भस्म लगाए बैठे हैं योगी, ध्यान में लीन रहते सदा भोगी। संसार के सुख से विरक्त महान, शिव का ध्यान ही परम ज्ञान।
  • त्रिशूल धारी की शक्ति अपार है, भूत प्रेत का भी संहार है। गण सब उनके साथ विचरते, शिव की आज्ञा में सब करते।
  • बिल्व पत्र से पूजा करो प्यारी, शिव हो जाएंगे तुम पर न्यारी। सच्चे मन से जो पुकारे, भोले बाबा दर्शन दे प्यारे।
  • धूनी रमाए बैठे हैं शिव, अघोरी रूप में है वो दिव्य। मायावी संसार से परे रहते, सत्य के मार्ग पर सब चलते।
  • कामदेव को भस्म कर दिया था, तप भंग करने पर क्रोध किया था। पर फिर जीवन भी दे दिया, क्षमाशील भोले का यही अंदाज़ है।
  • सोमवार का दिन शिव को प्यारा, व्रत रखने से जीवन हो सुधारा। जल चढ़ाओ शिवलिंग पर भक्त, मनोकामना पूर्ण हो हर शक्त।
  • रावण भी था बड़ा भक्त शिव का, शक्ति पाई थी कृपा से दिव्य का। वीणा बजाकर शिव को रिझाया, अटल भक्ति से मन को लगाया।
  • आदियोगी हैं शिव सबसे पहले, योग विद्या के ज्ञाता न्याले। ध्यान मुद्रा में बैठे रहते सदा, संसार को देते हैं ज्ञान की दवा।
  • गंगा को जटाओं में समाया, धरती पर उतरने का मार्ग बनाया। भगीरथ की तपस्या सफल हुई, शिव की कृपा से मुक्ति मिली।
  • पार्वती ने की थी कठोर तपस्या, शिव को पति रूप में पाने की अभिलाषा। भोलेनाथ पिघल गए अंततः, विवाह रचाया गया पर्वत पर।
  • कार्तिकेय देवों के सेनापति बने, गणेश विघ्नहर्ता के रूप में जाने। शिव का परिवार सबसे निराला, प्रेम और भक्ति का रंग भरा प्याला।
  • काल भैरव का रूप भयंकर है, शत्रुओं का संहारक अद्भुत है। काशी के रक्षक महाकाल, भक्तों के करते हैं हर हाल में ख्याल।
  • वीरभद्र का अवतार लिया था, दक्ष के यज्ञ का विध्वंस किया था। सती के सम्मान की रक्षा करने, शिव का क्रोध देखा सबने।
  • ओंकार की ध्वनि है शिव का प्रतीक, सृष्टि की रचना का मूल तरीक। ॐ की शक्ति अपरम्पार है, शिव की कृपा का भंडार है।
  • नीलकंठ बने विष पीकर भी, जगत का कल्याण किया सोच कर भी। समुद्र मंथन की कहानी महान, शिव की महिमा का यह प्रमाण।
  • लिंगोद्भव की कथा सुनो भाई, ब्रह्मा विष्णु को भी मिली हार जवाई। अनंत ज्योति रूप में प्रकट हुए, शिव की महिमा सब जगह छाई हुए।
  • बारह ज्योतिर्लिंग भारत में विराजे, शिव भक्तों का हर दुख भगाए। सोमनाथ से केदारनाथ तक, शिव की कृपा बरसे सदा हमपर।
  • अमरनाथ की यात्रा पावन है, बर्फ का शिवलिंग दर्शन महान है। श्रावण मास में भक्त चढ़ते, कांवड़ लेकर जल भर लाते।
  • शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करो, रावण की भक्ति को याद करो। शक्तिशाली मंत्र है यह महान, जीवन में आए नई पहचान।
  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें, मृत्यु के भय से मुक्त हो जाएं। शिव की कृपा से अमरता मिले, जीवन में खुशहाली हर पल खिले।
  • रुद्राक्ष धारण करो गले में, शिव की शक्ति मिले हर बेला में। पांच मुखी या एक मुखी हो, भक्ति सच्ची तो फल मिले सच हो।
  • भस्म लगाना शिव को प्रिय लगता, सांसारिक माया से मुक्ति मिलती। विभूति की महिमा अपार है, शिव भक्ति का यह श्रृंगार है।
  • शिव चालीसा का पाठ करो नित्य, सभी मनोकामनाएं होंगी सिद्ध। चालीस पदों में शिव की महिमा, गाओ भक्ति से मिटे हर सीमा।
  • हर हर महादेव का उच्चारण करो, शिव के नाम का स्मरण करो। जय शंकर कहो मन से भाई, मुक्ति का मार्ग मिलेगा सहाई।
  • शिव पुराण की कथाएं सुनो, ज्ञान और भक्ति का पाठ चुनो। रुद्र संहिता में छुपे रहस्य, जीवन को बनाएं सुव्यवस्थ।
  • शिव का ध्यान करो प्रातःकाल, मन में बसाओ उनका विशाल। समाधि में लीन हो जाओ, आत्मा का परमात्मा से मिलाओ।
  • भक्त प्रहलाद की तरह निष्ठा रखो, शिव की शरण में विश्वास रखो। कठिन समय में भी ना डरना, भोले बाबा हैं साथ सदा टिकना।
  • शिव की आरती करो संध्या में, दीप जलाओ पूजा की बेला में। कपूर की लौ में देखो शिव को, मन की आंखों से परखो शिव को।
  • नमामि शंकर का गान करो, शिव के गुणों का मान करो। संगीत में डूबकर भजन गाओ, शिव की भक्ति में मन रमाओ।
  • शिवाय नमः का मंत्र जपो, पांच अक्षर में शक्ति भरो। पंचाक्षर मंत्र सबसे प्यारा, शिव को रिझाने का साधन न्यारा।
  • त्र्यंबकम् का मंत्र उच्चारो, त्रिनेत्रधारी को नमन करो। यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।
  • शिव का आशीर्वाद सब पर बरसे, जीवन में सुख समृद्धि फैले। भोलेनाथ की कृपा अपार है, जो भी भक्त है सबका उद्धार है।
  • ॐ नमः शिवाय, हर हर महादेव, बोलो भक्तों शंभू शंकर की जय। त्रिशूलधारी, डमरू बजाने वाले, तुम्हारी शरण में आए सब प्राणी।
  • शिव की महिमा अनंत है भाई, शब्दों में बयां ना हो पाई। भक्ति से पुकारो बस नाम उनका, जीवन सफल हो जाए अपना।
  • हर हर महादेव, शंकर की जय बोलो, त्रिशूल धारी का नाम सदा डोलो। जटाओं में गंगा, मस्तक पे चंदा, भोलेनाथ के दर्शन से मिले आनंदा।
  • शिव की शरण में आकर मिलती है शांति, भोले बाबा के चरणों में मिलती क्रांति। जो भी शरण में आया उसका उद्धार हुआ, महाकाल की कृपा से संसार सुधार हुआ।
  • डमरू की आवाज़ से गूंजे ये जहान, महादेव की महिमा है अपरम्पार महान। नीलकंठ ने पिया था विष सारा, बचाने को जग का किया सहारा।
  • ॐ नमः शिवाय का जाप करो भाई, भोलेनाथ की भक्ति में खुद को मिटा दो। काशी के महाराज, अवधूत अघोरी, शिव की शरण में आकर पाओ ज्योति।
  • गले में सर्पों की माला सजी है, भस्म से सजी देह पे छवि बनी है। भंग धतूरा प्रिय है शिव को, मन से पूजो तो मिलेंगे शिव को।
  • कैलाश के वासी, पार्वती के प्यारे, नंदी की सवारी, गण सब न्यारे। त्रिनेत्रधारी जब खोले तीसरा नेत्र, काल भी थर्राए उस पल का क्षेत्र।
  • श्मशान में रहते हैं शिव महाराज, मृत्यु पर भी उनका है राज। जीवन मरण के स्वामी भोले, सत्य और धर्म का पाठ बोले।
  • गंगाधर शिव की महिमा अपार है, हर संकट से मुक्ति का उपहार है। रुद्र रूप में जब होते प्रकट, तीनों लोक हो जाते विस्मित।
  • चंद्रमा को मस्तक पर धारण किया, काल को भी अपने वश में किया। महाकाल की ऐसी है महिमा, जो पूजे उसकी बदले सीमा।
  • भोले बाबा तेरी शरण में आया हूं, तेरे चरणों में शीश झुकाया हूं। कृपा करो प्रभु मुझ पर महादेव, जीवन सफल हो जाए ये भेव।
  • शिवरात्रि की पावन बेला में, भक्तों का मेला उमड़ता चेला में। जलाभिषेक करते हैं भक्त प्यारे, शिव जी प्रसन्न होते हैं न्यारे।
  • अर्धनारीश्वर का रूप अनोखा है, शक्ति और शिव का संयोग अनोखा है। बिना शक्ति के शिव हैं अधूरे, यही संदेश है जीवन के सूर।
  • नटराज का नृत्य जब होता है, सृष्टि का संचालन वो ही करता है। ताल पर थिरकते हैं त्रिलोकपति, संसार को चलाते हैं प्रति क्षण प्रति।
  • गौरीनाथ की जोड़ी सबसे प्यारी, प्रेम और भक्ति की मिसाल न्यारी। गणेश कार्तिकेय संग परिवार सजा, कैलाश पर्वत पर दिव्य राज सजा।
  • भस्म लगाए बैठे हैं योगी, ध्यान में लीन रहते सदा भोगी। संसार के सुख से विरक्त महान, शिव का ध्यान ही परम ज्ञान।
  • त्रिशूल धारी की शक्ति अपार है, भूत प्रेत का भी संहार है। गण सब उनके साथ विचरते, शिव की आज्ञा में सब करते।
  • बिल्व पत्र से पूजा करो प्यारी, शिव हो जाएंगे तुम पर न्यारी। सच्चे मन से जो पुकारे, भोले बाबा दर्शन दे प्यारे।
  • धूनी रमाए बैठे हैं शिव, अघोरी रूप में है वो दिव्य। मायावी संसार से परे रहते, सत्य के मार्ग पर सब चलते।
  • कामदेव को भस्म कर दिया था, तप भंग करने पर क्रोध किया था। पर फिर जीवन भी दे दिया, क्षमाशील भोले का यही अंदाज़ है।
  • सोमवार का दिन शिव को प्यारा, व्रत रखने से जीवन हो सुधारा। जल चढ़ाओ शिवलिंग पर भक्त, मनोकामना पूर्ण हो हर शक्त।
  • रावण भी था बड़ा भक्त शिव का, शक्ति पाई थी कृपा से दिव्य का। वीणा बजाकर शिव को रिझाया, अटल भक्ति से मन को लगाया।
  • आदियोगी हैं शिव सबसे पहले, योग विद्या के ज्ञाता न्याले। ध्यान मुद्रा में बैठे रहते सदा, संसार को देते हैं ज्ञान की दवा।
  • गंगा को जटाओं में समाया, धरती पर उतरने का मार्ग बनाया। भगीरथ की तपस्या सफल हुई, शिव की कृपा से मुक्ति मिली।
  • पार्वती ने की थी कठोर तपस्या, शिव को पति रूप में पाने की अभिलाषा। भोलेनाथ पिघल गए अंततः, विवाह रचाया गया पर्वत पर।
  • कार्तिकेय देवों के सेनापति बने, गणेश विघ्नहर्ता के रूप में जाने। शिव का परिवार सबसे निराला, प्रेम और भक्ति का रंग भरा प्याला।
  • काल भैरव का रूप भयंकर है, शत्रुओं का संहारक अद्भुत है। काशी के रक्षक महाकाल, भक्तों के करते हैं हर हाल में ख्याल।
  • वीरभद्र का अवतार लिया था, दक्ष के यज्ञ का विध्वंस किया था। सती के सम्मान की रक्षा करने, शिव का क्रोध देखा सबने।
  • ओंकार की ध्वनि है शिव का प्रतीक, सृष्टि की रचना का मूल तरीक। ॐ की शक्ति अपरम्पार है, शिव की कृपा का भंडार है।
  • नीलकंठ बने विष पीकर भी, जगत का कल्याण किया सोच कर भी। समुद्र मंथन की कहानी महान, शिव की महिमा का यह प्रमाण।
  • लिंगोद्भव की कथा सुनो भाई, ब्रह्मा विष्णु को भी मिली हार जवाई। अनंत ज्योति रूप में प्रकट हुए, शिव की महिमा सब जगह छाई हुए।
  • बारह ज्योतिर्लिंग भारत में विराजे, शिव भक्तों का हर दुख भगाए। सोमनाथ से केदारनाथ तक, शिव की कृपा बरसे सदा हमपर।
  • अमरनाथ की यात्रा पावन है, बर्फ का शिवलिंग दर्शन महान है। श्रावण मास में भक्त चढ़ते, कांवड़ लेकर जल भर लाते।
  • शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करो, रावण की भक्ति को याद करो। शक्तिशाली मंत्र है यह महान, जीवन में आए नई पहचान।
  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें, मृत्यु के भय से मुक्त हो जाएं। शिव की कृपा से अमरता मिले, जीवन में खुशहाली हर पल खिले।
  • रुद्राक्ष धारण करो गले में, शिव की शक्ति मिले हर बेला में। पांच मुखी या एक मुखी हो, भक्ति सच्ची तो फल मिले सच हो।
  • भस्म लगाना शिव को प्रिय लगता, सांसारिक माया से मुक्ति मिलती। विभूति की महिमा अपार है, शिव भक्ति का यह श्रृंगार है।
  • शिव चालीसा का पाठ करो नित्य, सभी मनोकामनाएं होंगी सिद्ध। चालीस पदों में शिव की महिमा, गाओ भक्ति से मिटे हर सीमा।
  • हर हर महादेव का उच्चारण करो, शिव के नाम का स्मरण करो। जय शंकर कहो मन से भाई, मुक्ति का मार्ग मिलेगा सहाई।
  • शिव पुराण की कथाएं सुनो, ज्ञान और भक्ति का पाठ चुनो। रुद्र संहिता में छुपे रहस्य, जीवन को बनाएं सुव्यवस्थ।
  • शिव का ध्यान करो प्रातःकाल, मन में बसाओ उनका विशाल। समाधि में लीन हो जाओ, आत्मा का परमात्मा से मिलाओ।
  • भक्त प्रहलाद की तरह निष्ठा रखो, शिव की शरण में विश्वास रखो। कठिन समय में भी ना डरना, भोले बाबा हैं साथ सदा टिकना।
  • शिव की आरती करो संध्या में, दीप जलाओ पूजा की बेला में। कपूर की लौ में देखो शिव को, मन की आंखों से परखो शिव को।
  • नमामि शंकर का गान करो, शिव के गुणों का मान करो। संगीत में डूबकर भजन गाओ, शिव की भक्ति में मन रमाओ।
  • शिवाय नमः का मंत्र जपो, पांच अक्षर में शक्ति भरो। पंचाक्षर मंत्र सबसे प्यारा, शिव को रिझाने का साधन न्यारा।
  • त्र्यंबकम् का मंत्र उच्चारो, त्रिनेत्रधारी को नमन करो। यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।
  • शिव का आशीर्वाद सब पर बरसे, जीवन में सुख समृद्धि फैले। भोलेनाथ की कृपा अपार है, जो भी भक्त है सबका उद्धार है।
  • ॐ नमः शिवाय, हर हर महादेव, बोलो भक्तों शंभू शंकर की जय। त्रिशूलधारी, डमरू बजाने वाले, तुम्हारी शरण में आए सब प्राणी।
  • शिव की महिमा अनंत है भाई, शब्दों में बयां ना हो पाई। भक्ति से पुकारो बस नाम उनका, जीवन सफल हो जाए अपना।
  • त्रिपुरारि ने जब त्रिपुर नगर जलाया, असुरों का संहार करके दिखाया। एक ही बाण से तीनों पुर भस्म, शिव की शक्ति का यह है रस्म।
  • किरात रूप में आए थे भोले, अर्जुन को पाशुपतास्त्र दिया धोले। पांडव भी थे शिव के भक्त महान, युद्ध में मिली विजय का वरदान।
  • शशिधर कहलाते हैं चंद्र धारी, चंद्रमा को शीश पर रखा सवारी। शीतलता और शांति का प्रतीक है ये, मन को ठंडक देने वाला दीपक है ये।
  • भैरव के आठ रूप प्रसिद्ध हैं जग में, अष्ट भैरव की पूजा होती हर युग में। काल भैरव, रुरु भैरव, असितांग, सब रूपों में शिव का ही रंग।
  • उमापति कहलाते हैं पार्वती के पति, गृहस्थ जीवन का आदर्श है यह रीति। परिवार के साथ कैलाश पर रहना, जीवन का संतुलन सिखाना।
  • पशुपतिनाथ का मंदिर नेपाल में है, शिव की शक्ति का केंद्र वो हाल में है। बागमती नदी के तट पर बसा, पशुओं के स्वामी का दिव्य रसा।
  • हिमालय के हिमगिरि में विराजते, तपस्या और ध्यान में मग्न रहते। बर्फीली चोटियों पर है वास उनका, योगियों का तीर्थ है निवास उनका।
  • दिगंबर स्वरूप में शोभा पाते, वस्त्र धारण न करके भी शोभा पाते। नग्न रहकर सांसारिक माया त्यागी, संपूर्ण ब्रह्मांड है उनका आगी।
  • शिव सहस्रनाम में हजार नाम हैं, हर नाम में छुपे विशेष काम हैं। महेश, ईश, शंभू, शंकर, नीलकंठ, हर नाम का अपना अलग संदर्भ।
  • आकाश तत्व के स्वामी हैं शिव, पांच तत्वों में सर्वोच्च है दिव्य। निराकार और साकार दोनों रूप, परम तत्व हैं शिव अनूप।
  • लकुलीश अवतार में प्रकट हुए थे, योग मार्ग का उपदेश दिए थे। पाशुपत संप्रदाय की स्थापना की, शैव धर्म को नई दिशा दी।
  • शिव का वाहन नंदी बैल है, धर्म और न्याय का प्रतीक भेल है। सफेद वर्ण का पवित्र प्राणी, शिव के द्वार पर बैठा ज्ञानी।
  • पिनाक धनुष धारण करते हैं, अद्भुत शक्ति का प्रदर्शन करते हैं। सीता स्वयंवर में यह टूटा था, राम ने इसे तोड़ कर गौरव लूटा था।
  • खटवांग धारण करते हैं हाथ में, मृत्यु का प्रतीक हर बात में। संसार की नश्वरता याद दिलाते, वैराग्य का पाठ सिखाते।
  • अर्धचंद्र मस्तक पर सजा है, काल गणना का प्रतीक यह भजा है। समय के स्वामी हैं महादेव, अतीत भविष्य वर्तमान सब एक देव।
  • गंगा माता जटाओं में बहती हैं, पवित्रता और मुक्ति का मार्ग कहती हैं। स्वर्ग से धरती पर उतरीं, शिव की जटाओं में समा गईं।
  • सर्प कुंडल कानों में धारण किए, भय पर विजय का संदेश दिए। सांपों को गले में पहनते हैं, निर्भयता का पाठ पढ़ाते हैं।
  • व्याघ्र चर्म को वस्त्र बनाया, सिंह पर विजय का संकेत दिखाया। काम वासना पर नियंत्रण का, यह प्रतीक है समर्पण का।
  • मुंडमाला गले में सजी है, अहंकार के नाश की कथा कही है। पचास मुंड पचास अक्षर हैं, वर्णमाला का ज्ञान छुपा अक्षर हैं।
  • शिव की तीसरी आंख अग्नि है, संहार की शक्ति का यह चिन्ह है। ज्ञान चक्षु खुलने से, सत्य का दर्शन होने से।
  • डमरू की आवाज़ से संगीत बना, नाद ब्रह्म का उद्गम यहां से चला। चौदह सूत्र संस्कृत व्याकरण के, डमरू से निकले भाषा के।
  • कमंडल में अमृत भरा है, जीवन रस का संचार यहां है। योगियों का यह साधन है, जीवन को सरल बनाने का बंधन है।
  • अक्षय वट वृक्ष के नीचे विराजते, प्रलयकाल में भी अडिग रहते। इलाहाबाद में यह स्थान है, संगम पर शिव का निधान है।
  • ज्योतिर्लिंग ज्योति स्वरूप है, अनंत प्रकाश का अद्भुत रूप है। स्वयंभू लिंग जो प्रकट हुए, भक्तों के कल्याण हेतु प्रकटे।
  • मल्लिकार्जुन श्रीशैलम में है, भारत के दक्षिण प्रदेश में है। कृष्णा नदी के तट पर बसा, शिव पार्वती का मिलन रसा।
  • महाकालेश्वर उज्जैन नगरी में, काल के स्वामी की महिमा हरी में। दक्षिणमुखी लिंग अद्भुत है, भस्म आरती का दृश्य अद्भुत है।
  • ओंकारेश्वर नर्मदा के द्वीप पर, ॐ के आकार में बसा शिव घर। विंध्य पर्वत की गोद में है, शिव की शक्ति का भंडार मोद में है।
  • केदारनाथ हिमालय में विराजे, पांडवों ने जहां शिव को मनाए। बर्फ से ढका दिव्य धाम है, शिव भक्तों का परम स्थान है।
  • भीमशंकर पश्चिमी घाट में है, घने जंगलों के बीच रात में है। भीमा नदी का उद्गम स्थल, शिव की कृपा का परम फल।
  • विश्वनाथ काशी में प्रसिद्ध है, गंगा तट पर यह सिद्ध है। ज्ञानवापी के पास विराजे, मोक्षदायक शिव जी की छाजे।
  • त्र्यंबकेश्वर नासिक के पास है, गोदावरी का उद्गम खास है। त्रिकोण लिंग की विशेषता है, ब्रह्मा विष्णु शिव की शेषता है।
  • वैद्यनाथ देवघर में स्थित है, रावण की भक्ति यहां प्रचलित है। शिव का वैद्य रूप प्रसिद्ध, रोग मुक्ति देने में सिद्ध।
  • नागेश्वर गुजरात में है स्थित, द्वारका के निकट प्रतिष्ठित। दारुका असुर का वध किया, भक्तों को अभय वरदान दिया।
  • रामेश्वरम तमिलनाडु में है, सागर तट पर यह राम का धाम है। राम ने लंका जाने से पहले, शिव की पूजा की यहां बेला में।
  • घृष्णेश्वर औरंगाबाद के पास है, एलोरा गुफाओं के विशेष वास है। अंतिम ज्योतिर्लिंग की गरिमा, शिव भक्ति की अंतिम सीमा।
  • शिव की अनुकंपा से जीवन सुधरे, हर संकट में वे साथ खड़े रहें। भोलेनाथ की शरण में आओ, जीवन को सार्थक बनाओ।
  • कैलाश मानसरोवर की यात्रा करो, शिव के निवास का दर्शन करो। तिब्बत में स्थित पवित्र स्थान, भक्तों के लिए सबसे महान।
  • ॐ तत्पुरुषाय विद्महे का जाप करें, महादेवाय धीमहि का ध्यान धरें। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् बोलें, शिव गायत्री से मन को खोलें।
  • शिव की शरण में जो भी आए, उसके सभी पाप धुल जाए। भोलेनाथ अत्यंत दयालु हैं, भक्तों के हर दुख हरने वाले हैं।
  • लिंगाष्टकम् का पाठ करो भक्त, आठ श्लोकों में शिव की शक्ति। ब्रह्मा मुरारि सुरार्चित लिंगम्, नर्मदेश्वर भाव लिंगम्।
  • शिव के पंच मुख हैं प्रसिद्ध, सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष, ईशान। पंच दिशाओं के स्वामी हैं, संपूर्ण सृष्टि के नियामी हैं।
  • भक्त शिव की महिमा गाते रहें, शिव के नाम में मन रमाते रहें। हर हर महादेव का उद्घोष करें, शिव के चरणों में समर्पण करें।
  • महाशिवरात्रि की रात्रि जागरण करो, शिव की उपासना में मन लगाओ। चार प्रहर की पूजा विधान है, शिव को प्रसन्न करने का महान है।
  • बेलपत्र चढ़ाना अति प्रिय है शिव को, त्रिपत्र में ब्रह्मा विष्णु रुद्र का वास है। धतूरा, आक के फूल चढ़ाएं, भांग का प्रसाद बना चढ़ाएं।
  • गंगाजल से अभिषेक करो, दूध दही शहद से स्नान कराओ। पंचामृत से पूजन करो, शिव की आरती मन से गाओ।
  • शिव के प्रिय पुष्प चढ़ाओ भक्त, धतूरा आक केवड़ा जूही। सफेद फूल शिव को भाते हैं, शुद्ध भक्ति के प्रतीक कहलाते हैं।
  • शिव का प्रसाद ग्रहण करो श्रद्धा से, भस्म और रुद्राक्ष धारण करो। शिव की कृपा सदा बनी रहे, जीवन मंगलमय बनी रहे।
  • शिव की लीलाएं अद्भुत हैं, हर कथा में ज्ञान का भंडार है। भक्ति से सुनो शिव की कथा, जीवन में आए नई व्यवस्था।
  • शिव का स्मरण करते रहो सदा, मन में बसाओ उन्हें हमेशा। जीवन के हर पल में शिव साथ हैं, भक्तों की रक्षा में तत्पर रहते हैं।
  • ॐ नमः शिवाय की माला जपो, एक सौ आठ बार नाम जपो। रुद्राक्ष की माला पवित्र है, शिव साधना के लिए उत्तम है।
  • शिव के ध्यान में समय बिताओ, आत्मा को परमात्मा में मिलाओ। योग साधना
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Frequently Asked Questions

Mahadev Shayari in Hindi kya hoti hai?

Mahadev Shayari in Hindi bhakti aur shraddha se bhare alfaaz hote hain jo Shiv Shankar ke prem aur shakti ko bayan karte hain.

Mahadev Shayari kyun padhi jati hai?

Yeh shayari mann ko shanti deti hai aur bhakt ko Mahadev ke aur kareeb le aati hai.

Best Mahadev Shayari kaise choose karein?

Best Mahadev shayari wo hoti hai jo dil se judi ho aur aapki bhakti ko reflect kare.

Mahadev Shayari kab share karni chahiye?

Mahashivratri, Sawan ya kisi bhi spiritual moment par Mahadev shayari share karna shubh mana jata hai.

Short Mahadev Shayari ka kya fayda hai?

Short Mahadev shayari kam lafzon mein gehra bhav aur adhyatmik sandesh deti hai.

Mahadev Shayari WhatsApp status ke liye kaisi honi chahiye?

WhatsApp status ke liye simple aur powerful Mahadev shayari sabse behtar hoti hai.

Mahadev ke liye bhakti shayari ka matlab kya hai?

Bhakti shayari Mahadev ke prati prem, vishwas aur samarpan ko vyakt karti hai.

Hindi Mahadev Shayari logon ko kyun pasand aati hai?

Hindi Mahadev shayari dil ko asaani se chhoo leti hai aur bhakti ka ehsaas gehra karti hai.

Mahadev Shayari Mahashivratri par kyun popular hoti hai?

Mahashivratri par bhakt apni bhavnaon ko shayari ke zariye express karna pasand karte hain.

Mahadev Shayari ka spiritual impact kya hota hai?

Mahadev shayari mann ko shant karti hai aur jeevan mein sakaratmak urja bhar deti hai.

Conclusion

160+ Mahadev Shayari in Hindi bhakti, vishwas aur shanti ka ek sundar sangrah hai. Har महादेव शायरी mein Shiv Shankar ke prem, shakti aur kripa ka ehsaas hota hai. Yeh Bhole Nath shayari dil ko sukoon aur mann ko sthir karti hai.

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Chahe aap devotional shayari dhoond rahe ho ya Mahadev status for WhatsApp, yeh collection har bhakt ke liye perfect hai. Shiv bhakti quotes, spiritual shayari aur Mahadev ke vichar yahan naturally milte hain. In shabdon ke zariye bhakti aur bhi gehri ho jati hai.

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